Friday, July 16, 2010

जिंदल से सांसद सीखें जिंदादिली


पिछले दिनों एक समाचार आया कि डीजल इत्‍यादि के भाव बढ गए। कुछ ही देर में समाचार आया कि सांसदों ने अपने वेतन में बढोतरी के लिए मांग कर रहे हैं। बाद में उनका वेतन बढ गया। जो सांसद बढा हुआ वेतन ले रहे हैं उनके लिए नसीहत है, हालांकि सांसद नसीहत देते हैं, लेते नहीं है, फिर भी अगर उचित  समझें तो सांसद नवीन जिंदल के इस प्रयास को आत्‍मसात करने का प्रयास करें। मैं तो कम से कम इस मामले में जिंदल का फैन हो गया। 
समाचार
कुरूक्षेत्र से कांग्रेस सांसद व उद्योगपति नवीन जिंदल ने क्षेत्र में शिक्षा में सुधार व सरकारी प्राथमिक स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के मकसद से अपना पिछले पांच साल का वेतन दान करने की घोषणा की है। वर्ष 2004 से वर्ष 2009 के दौरान जिंदल का कुल वेतन 40 लाख रूपए आंका गया है। जिंदल ने शिक्षा में सुधार के लिए अपनी व्यक्तिगत आय से भी 10 लाख रूपए देने का ऎलान किया है।
सांसद नवीन जिंदल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हरियाणा में सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए मुख्यमंत्री हुaा के सपने को साकार करने की ओर एक छोटा सा कदम है। जिंदल ने कहा कि मेरी भी इच्छा है कि सभी बच्चों को प्राथमिक शिक्षा हासिल करने के अधिकार से मुक्त नहीं रखा जाना चाहिए। यह जरूरी है कि बच्चे प्राथमिक स्तर पर ही अच्छी शिक्षा लें ताकि भविष्य में उन्हें कोई परेशानी न हो।
जिंदल द्वारा दान दिए गए 50 लाख रूपयों से क्षेत्र की 1.4 लाख स्कूलों मे पढ़ रहे कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए नोटबुक खरीदने पर खर्च किया जाएगा। 
इस अवसर पर जिंदल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कुछ प्राइमरी स्कूलों को भी इस योजना के अंतर्गत लाया जा सकता है। इसके लिए उन स्कूलों की पहचान करने का काम शुरू हो चुका है।



सांसद जिंदल के इस प्रयास को अगर सांसद सही समझते हैं तो अपने अपने क्षेत्र में ही सही कुछ हिस्‍सा तो देवें। हां, सांसद कोटे से हटकर इस राशि को देवें।


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